नमस्कार,
आज हम आपको दीपावली से जुड़ी कुछ विशेष जानकारी देने का प्रयास करेंगे !
दीपावली भारत में हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है। दीपों का खास पर्व होने के कारण इसेदीपावली या दिवाली नाम दिया गया है। दीपावली का अर्थ है - दीपों की पंक्तियां। दीपावली के दिन प्रत्येक घर दीपों कीपंक्तियों से शोभायमान रहता है। इसलिए इस त्योहार को दीपावली कहा जाता है। कार्तिक माह की अमावस्या को मनायाजाने वाला यह महापर्व, अंधेरी रात को असंख्य दीपों की रौशनी से प्रकाशमय कर देता है।
हिंदू मान्यताओं में राम भक्तों के अनुसार कार्तिक अमावस्या को भगवान श्री रामचंद्रजी चौदह वर्ष का वनवास काटकरअयोध्या लौटे थे। तब अयोध्यावासियों ने राम के राज्यारोहण पर दीपमालाएं जलाकर महोत्सव मनाया था। इसीलिएदीपावली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है।
दीपावली के दिन सभी घरो में लक्ष्मी पूजन का आयोजन होता है! सभी परिवार अपने- अपने घरों में भगवन लक्ष्मी की पूजा करते है! उनका मानना है कि ऐसा करने से धन की देवी लक्ष्मी की उन पर विशेष अनुकंपा रहेगी।
दीपावली की वाले दिन को नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है. इस दिन सभी लोग अपने से बड़ो को प्रणाम करके उनका आशीर्वाद लेते है !
यह त्योहार अपने साथ ढेरों खुशियां लेकर आता है। एक-दो हफ्ते पूर्व से ही लोग घर, आंगन, मोहल्ले और खलिहान कोदुरुस्त करने लगते हैं। पटाखों की गूंज और फुलझड़ियों के रंगीन प्रकाश से चारों ओर खुशी का वातावरण उपस्थित होजाता है। बच्चों की स्कूल की छुट्टियों से इस त्योहार का मजा दोगुना हो जाता है।
दीपावली के दिन भारत में विभिन्न स्थानों पर मेले लगते हैं। दीपावली एक दिन का पर्व नहीं अपितु पर्वों का समूह है।दशहरे के पश्चात ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ हो जाती है। लोग नए-नए वस्त्र सिलवाते हैं।
दीपावली से दो दिन पूर्व धनतेरस का त्योहार आता है। धनतेरस के दिन बरतन खरीदना शुभ माना जाता है अतैवप्रत्येक परिवार अपनी-अपनी आवश्यकता अनुसार कुछ न कुछ खरीदारी करता है। इस दिन तुलसी या घर के द्वार परएक दीपक जलाया जाता है। इससे अगले दिन नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली होती है। इस दिन यम पूजा हेतु दीपकजलाए जाते हैं।
हंगामा की तरफ से आप सभी को दीपावली की हार्दिक सुभकामनाये !