कैसे प्लास्टिक का संक्षिप्त इतिहास बदल दिया हमारी दुनिया है

Inkhabar 2018-06-05

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आज प्रश्नकाल में कैफी आज़मी की ये लाइनें आपके सामने इसलिए रखीं क्योंकि जो सवाल उठा रहा हूं और मुद्दा आपके सामने रख रहा हूं उसके लिए ये बिलकुल मौजूं हैं.
दरअसल, आज प्रश्नकाल में सवाल ये है कि क्या आप भी उन करोड़ों लोगों में से एक हैं जो रोज़ाना सुसाइड कर रहे हैं. सुनने में अजीब लग सकता है ये सवाल लेकिन आज का सबसे जरुरी सवाल है ये. दुनिया भर के करोड़ों लोग रोज़ाना इस धरती को प्रदूषण की गर्त में ढकेल रहे हैं और ये किसी सुसाइड से कम नहीं है क्योंकि धीरे धीरे इस धरती की हालत ऐसी होती जा रही है कि रहने लायक स्थिति नहीं रह जाएगी।
सबसे पहले ये दो तस्वीरें दिखाना चाहता हूं. एक तरफ़ सबूत इस बात का कि कैसे देश और दुनिया में कचरे का अंबार हमारी और आपकी धरती को खत्म कर रहा है और दूसरी तरफ तस्वीर उस नए ग्रह की है जिसे वैज्ञानिक ढूंढने का दावा कर रहे हैं. ये कहते हुए कि यहां पानी और रहने लायक हालात हैं. वैज्ञानिक यूं हीं नया ग्रह नहीं तलाश रहे. खोज के तमाम आधारों में से एक ये भी है कि हमारी पृथ्वी को हम दिन ब दिन ऐसा बना रहे हैं जहां हालात रहने लायक नहीं बचेंगे और इसलिए जरुरत एक नए ग्रह की होगी.

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