10 लाख मुस्लिमों कैद करके रखने वाला देश

DainikBhaskar 2019-09-27

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अमेरिकी मंत्री एलिस वेल्स ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वो चीन में उइगर मुस्लिमों पर हो रहे जुल्म पर खामोश रहता है, जबकि कश्मीर में मुसलमानों की चिंता करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, भारत और चीन में मुस्लिमों के हालात पर दोहरा रवैया अपनाता है...दरअसल, चीन में शिनजियांग प्रांत में रहने वाले उइगर मुस्लिमों की स्थिति बद से बदतर हो रही है। 

- चीन सरकार ने उइगरों की धार्मिक आजादी पर रोक लगा रखी है। उनकी मस्जिदों को गिराना और रमजान के महीने में रोजे पर पाबंदी जैसे आदेश देता रहा है।



- शिनजियांग प्रांत में करीब एक करोड़ उइगर मुस्लिम रहते हैं। बीते साल संयुक्त राष्ट्र की ह्यूमन राइट्स रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 10 लाख उइगर मुस्लिमों को नजरबंदी शिविरों में कैद कर रखा है। वहीं, एक अमेरिकी आयोग ने इसे आज की दुनिया में "अल्पसंख्यक लोगों का सबसे बड़ा कैदखाना" तक बताया है।

- इन शिविरों में उन्हें चीनी भाषा सिखाई जाती है। देश और राष्ट्रपति शी जिंनपिंग के प्रति वफादारी की कसमें खिलाईं जाती हैं। उनकी राजनीतिक साेच बदलने की कोशिश की जाती है। साथ इन लोगों से अपने धर्म और संस्कृति की आलोचना करने को कहा जाता है। 

- कुछ साल पहले तो उइगरों से नमाज के दौरान इस्तेमाल होने वाली चटाई और पवित्र कुरान समेत सभी धार्मिक चीजों को जमा करने के लिए कहा गया था। इसके अलावा लंबी दाढ़ी रखने और पब्लिक प्लेस पर बुर्का पहनने पर पाबंदी के आदेश पहले से लागू हैं। 

- वहीं, उइगर अपने बच्चों के अरब नाम नहीं रख सकते। सरकार ने मोहम्मद, जिहाद, इस्लाम, अराफात, सद्दाम और मदीना जैसे करीब 29 नाम रखने पर भी बैन लगा दिया है। 

- उइगर नेताओं को कहना है कि बीते दो दशकों में चीन सरकार ने अल्पसंख्यक उइगरों को दरकिनार कर रखा है। इसके अलावा देश में उइगर मुस्लिमों के खिलाफ नफरत भी देखी जा रही है। 

- चीन का कहना है कि वो शिनजियांग प्रांत में कट्टर, उग्रवादी और अलगाववादी लोगों से निपट रहा है। क्योंकि इनसे देश को खतरा पैदा हो रहा है। साथ ही सरकार ने 10 लोगों को नजरबंद करने की बात को झूठ करार दिया है। 

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