बाबरी से लेकर जामिया तक, हेट स्पीच के बुरे नतीजे होते हैं

Quint Hindi 2020-02-08

Views 207

जामिया के बाहर हिंदुत्व समर्थक की गोली से अगर शादाब नजर की मौत हो जाती तो क्या इसके जिम्मेदार वो नेता नहीं होते जो नारे लगा रहे थे, “गोली मारो %^&8 को”?

हां, हेट स्पीच यानी जहरीले भाषण के बेहद खराब नतीजे होते हैं, वो हमें उकसाते हैं कि हम उन लोगों के खिलाफ हिंसा करें जिन्हें वो हमारा दुश्मन बताया जाता है. मौजूदा हालात में अल्पसंख्यकों को हमारा दुश्मन बताया जाता है खासकर मुसलमान और दलितों को.

Share This Video


Download

  
Report form
RELATED VIDEOS