VEENA KI VAANI
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चलो आज अच्छा बनकर देखते हैं।
चलो आज अच्छा बनकर देखते हैं। स्वरचित कविता हैं जिसमें कुछ सामान्य ऐसे बिंदुओं को उभारा गया है जो समस्त भारतीयों के मानस में विद्यमान है किंतु कभी -कभी उसका पालन करने में थोड़ी लापरवाही दिखा देता हैंा अतः समस्त भारतीयों से मेरा विनम्र आग्रह है कि वे अवश्य इन बातों ध्यान देंगे। आप अपने सुझाव
अवश्य प्रेषित करें।
धन्यवाद