जेल में कैदी ने गुदा में छुपाए मोबाइल, तबीयत बिगड़ी

Patrika 2020-09-18

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जेल में कैदी ने गुदा में छुपाए मोबाइल, तबीयत बिगड़ी
- केन्द्रीय कारागार जोधपुर में तलाशी के दौरान मोबाइल बचाने के लिए कैदी ने जान जोखिम में डाली
- जेल डिस्पेंसरी में कराई सोनोग्राफी में खुली पोल
जोधपुर.
जोधपुर सेन्ट्रल जेल में दस साल की सजा काटने वाले एक कैदी ने तलाशी के दौरान मोबाइल प्लास्टिक की थैली में बांधकर अपनी गुदा में छुपा लिए। तबीयत बिगडऩे पर जेल डिस्पेंसरी में एक्स-रे व सोनोग्राफी करवाई गई तो पेट में मोबाइल होने का पता लगा। मोबाइल निकालने के लिए कैदी को मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जेल अधीक्षक कैलाश त्रिवेदी ने बताया कि बाड़मेर निवासी देवाराम पुत्र भीखाराम जाट नाबालिग से कुकर्म के मामले में दस साल की सजा काट रहा है। जेल कारखाने से मुख्य जेल में आने के दौरान गुरुवार को तलाशी ली। इस दौरान संभवत: देवाराम के पास एक-दो मोबाइल थे। तलाशी में पकड़े जाने से बचने के लिए देवाराम ने पॉलीथीन थैली में लपटेकर तीनों मोबाइल अपनी गुदा में छुपा लिए। इस बीच, शुक्रवार सुबह उसके पेट में दर्द होने लगा। शिकायत करने पर उसे जेल डिस्पेंसरी ले जाया गया, जहां उसने पेट में गैस से दर्द होने की समस्या बताई। दर्द ठीक न होने पर एक्स-रे और फिर सोनाग्राफी करवाई गई। सोनोग्राफी में पेट में मोबाइल जैसी वस्तु नजर आ गई। जो पॉलीथीन थैली में लपेटा हुआ था।
संदेह होने पर चिकित्सक व जेल प्रशासन ने उससे पूछा तो कोई जवाब नहीं दे पाया। सख्त पूछताछ करने पर उसने गुदा में मोबाइल छुपाने की बात स्वीकार की। तब उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे एमडीएम अस्पताल रैफर किया गया। अब उसका ऑपरेशन कर पेट से मोबाइल निकाल जाएगा। उसके पेट में मोबाइल होने की आशंका है।

इनका कहना
इस तरह का मरीज जेल से आया है। उसकी अन्य तरह की जांचें हो रही है। रिपोर्ट नॉर्मल आई तो सर्जरी प्रोफेसर डॉ गणपत चौधरी के नेतृत्व में मरीज का आज और कल में ऑपरेशन कर दिया जाएगा। मरीज पूरी तरह से डॉक्टर्स की देखरेख में है।

- डॉ. महेन्द्र आसेरी, अधीक्षक, एमडीएम अस्पताल

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