राग क्या? वैराग्य क्या? || आचार्य प्रशांत, अपरोक्षानुभूति पर (2018)

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वीडियो जानकारी: 16.04.2018, हार्दिक उल्लास शिविर, पोंगट, उत्तराखंड

प्रसंग:

स्ववर्णाश्रमधर्मेण तपसा हरितोषणात् ।
साधनं प्रभवेत्पुंसां वैराग्यादि चतुष्टयम् ॥ ३ ॥
भावार्थ: अपने-अपने वर्णाश्रम धर्म के अनुसार आचरण करके भगवान को प्रसन्न करने
से मनुष्य वैराग्य, यम, नियम और स्वाध्याय आदि चार साधनाओं को प्राप्त करता है।
"स्वधर्मपालन" से ही ये संभव है। ~ अपरोक्षानुभूति

~अपरोक्षानुभूति का अर्थ क्या है?
~ वैराग्य का सही अर्थ क्या है?
~जीवन में ऊर्जा कैसे लायें?
~विचार क्या है?
~अपने आप को अपूर्ण देखने से क्या आशय है?

संगीत: मिलिंद दाते
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