राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का बयान चर्चा में बना हुआ है। मोहन भागवत के मुताबिक सभी अपने मन से अलगाव और भेदभाव हटाएं, जो भी हिंदू हैं वो एक हैं, सभी मंदिर, जलस्त्रोत और श्मशान गृह सभी के लिए खुले रहें। किसी का मूल्यांकन उसकी जाति, संपत्ति या भाषा से न करें। मोहन भागवत के इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। बीजेपी के नेताओं के मुताबिक मोहन भागवत का बयान सही है और हिंदू एकता की जरूरत है। जबकि कांग्रेस के मुताबिक मोहन भागवत को विवेकानंद को पढ़ना चाहिए।
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