नई दिल्ली/नोएडा: कई बार हेल्मेट न पहनना किसी की जान पर बन जाता है. एक सड़क हादसे में अपने दोस्त को खोने के बाद राघवेंद्र ने प्रण लिया कि अब हेल्मेट न पहनने कि वजह से किसी की मौत नहीं होगी. इसलिए अब तक वे भारत के 22 राज्यों में 75,000 से ज्यादा हेल्मेट मुफ्त बांट चुके हैं. उन्होंने इस अभियान को जिंदा रखने के लिए अपना घर तक को बेच दिया, लेकिन हार नहीं मानी. आज उनके इस सराहनीय कार्य के लिए लोग उन्हें 'हेल्मेट मैन ऑफ इंडिया' कहकर बुलाते हैं. उन्होंने बताया कि जब वो लोग मेरे पास आते हैं, जिनकी जान मेरे दिए हुए हेलमेट की वजह से बची, तो मेरी सारी चुनौतियां और आर्थिक परेशानियां खत्म सी हो जाती हैं. उनके जीवन की खुशी ही मेरा सबसे बड़ा पुरस्कार है.