अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लटनिक ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कॉल नहीं किया, इसीलिए डील फेल हो गई. लटनिक ने कहा कि सब कुछ हो चुका था, लेकिन पहली शर्त थी कि पीएम मोदी को कॉल करना पड़ेगा. ये उस समय की बात है जब अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा नहीं की थी.
ऑल इन पोडकास्ट में लटनिक ने ये भी कहा कि मैं कॉन्ट्रैक्ट्स पर भारतीय प्रतिनिधियों से बातचीत करता और पूरी डील सेट कर देता था. यह डील उनकी थी. वही डील फाइनल करते हैं. वही डील करते हैं. मैंने कहा आपको मोदी से कॉल करवाना होगा सब कुछ सेट है. आपको मोदी से प्रेसिडेंट को कॉल करवाना होगा. लेकिन वे ऐसा करने में असहज थे, इसलिए मोदी ने कॉल नहीं किया.
उधर, भारत ने लटनिक के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका पिछले साल की 13 फरवरी से ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे. तब से दोनों पक्षों ने संतुलित और दोनों देशों के हित वाले समझौते के लिए कई दौर की बातचीत की. कई अवसरों पर हम डील के करीब थे. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 में पार्टनरशिप के अलग-अलग पक्षों पर आठ बार फोन पर बात की.
लटनिक का बयान उस वक्त आया है, जब अमेरिका ने उस बिल को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वालों पर अमेरिकी प्रेसिडेंट 500 फीसदी तक टैरिफ लगा सकते हैं.