दो छात्राओं ने बनाई अल्ट्रा सिक्योरिटी वोटिंग मशीन: एक वोटर डाल पाएगा सिर्फ एक वोट

ETVBHARAT 2026-01-18

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पश्चिम बंगाल के जोका में एक प्राइवेट स्कूल की कक्षा ग्यारहवीं में पढ़ने वाली दो छात्राओं ने एक अनोखी वोटिंग मशीन बनाई है.  'अल्ट्रा सिक्योरिटी वोटिंग मशीन' एक वोटर का सिर्फ एक वोट ही दर्ज हो सकता है. कोई लाख कोशिश कर ले, उसका वोट दोबारा इसमें दर्ज नहीं हो सकता. मशीन में एक आइडेंटिटी वेरिफिकेशन यूनिट है, जिसमें वोटर का फिंगरप्रिंट और कैमरे में उसकी तस्वीर आते ही वोटिंग मशीन अनलॉक होती है. फिर वह जब एक वोट डाल देता है तो मशीन अपने आप लॉक हो जाती है. इसके बाद वो दोबारा वोट नहीं डाल सकता. अनोखी वोटिंग मशीन बनाने वाली धृति दास ने कहा कि हमारे कुछ दोस्तों के माता-पिता ने चुनाव के दौरान प्रेसाइडिंग ऑफिसर के तौर पर काम किया है. उस दौरान उन्हें बहुत-सी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. उसे देखकर हमने सोचा कि कुछ दिनों में हम भी वोट डालेंगे. हमें भी वोट डालते समय दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. यही सोचकर हमने ये मशीन बनाने के बारे में सोचा.  

धृति दास और महेरा फरहाद अपनी वोटिंग मशीन को लेकर शहर के विज्ञान मेलों में जाती हैं. हाल ही में कोलकाता के बिरला इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजी म्यूजियम की ओर से आयोजित ईस्टर्न इंडिया साइंड एंड इंजीनियरिंग फेयर में भी वो अपनी वोटिंग मशीन के साथ पहुंचीं, जहां दोनों ने वोटिंग मशीन का प्रदर्शन किया. इस मशीन के जरिए वोटों की गिनती भी आसान है. एक क्लिक में सारा डेटा सामने आ जाता है. छात्राओं का दावा है कि इस मशीन के जरिए चुनाव में लगे कर्मचारियों को हिंसा से बचाया जा सकता है.  दोनों छात्राएं चाहती हैं कि चुनाव आयोग उनके मॉडल की जांच करे, ताकि आने वाली पीढ़ी को इस तकनीक का फायदा मिले.

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