स्ट्रॉबेरी की खेती ने दो दोस्तों की किस्मत बदल दी. ओडिशा के बालासोर के रहने वाले कालंदी चरण लेंका और सधाब राउल ने तीन साल पहले स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की. 2023 में हिमाचल प्रदेश से 25 स्ट्रॉबेरी के पौधे लेकर और फिर इनको प्लास्टिक ग्रो बैग में लगाए. तीन महीने में 18 किलोग्राम से ज्यादा फल आए. इससे उत्साहित होकर इस काम को आगे बढ़ाया. कालंदी पहले एक प्लास्टिक मैन्युफ़ैक्चरिंग कंपनी में मैकेनिकल मेंटेनेंस वर्कर थे. अब खेती को ही फूल टाइम काम बना लिया है. वहीं इनके पार्टनर सधाब राउल, उस समय दूसरे राज्य में काम कर रहे थे. इस काम में आर्थिक मदद दी. आज दोनों दोस्त मिलकर फ़ार्म का प्रबंधन करते हैं और लोकल युवाओं को रोजगार दे रहे हैं. ये स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए आर्गेनिक तरीका अपनाते हैं. इनकी स्ट्रॉबेरी बालासोर के अलावा भद्रक, कटक, भुवनेश्वर और जाजपुर के बाजारों में सप्लाई की जाती हैं. जो काम सिर्फ़ 25 पौधों से शुरू हुआ था. अब एक सफल खेती का मॉडल बन गया है और दूसरो के लिए एक मिसाल है.