ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ संगम नोज पर हुए विवाद का मामला बढ़ता जा रहा है। दरअसल हाल ही में प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को एक औपचारिक नोटिस जारी कर उनके शंकराचार्य पद के दावे पर स्पष्टीकरण मांगा था...लेकिन इस नोटिस के विरोध में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार को नोटिस भेजा है, जिसमें सरकार की ओर से 19 जनवरी को आया नोटिस स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिष्ठा, सम्मान, गरिमा और उनके आर्थिक स्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है। अब इस पूरे प्रकरण पर राजनीति भी हो रही है। विपक्ष सरकार को साधु-संतों के अपमान वाली सरकार बता रहा है। जबकि विपक्ष और अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर एनडीए नेता हमलावर हो गए हैं। उनकी मानें तो सभी को देश के कानून का पालन करना चाहिए।
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