आम बजट से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा और राज्यसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया. जिसमें कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश की अर्थव्यवस्था प्रदर्शन बेहतर कर रही है. आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी में 6.8 से 7.2 प्रतिशत के विकास का अनुमान लगाया है. विकास में घरेलू मांग प्रमुख भूमिका निभा रही है. जोखिम संतुलित हैं और आर्थिक दृष्टिकोण सतर्कता के साथ आशाजनक है.
सर्वेक्षण में बताया गया है कि कृषि, उद्योग, सेवाएं और MSME क्षेत्र में सुधार, बुनियादी ढांचा विस्तार और स्थिर मैक्रोइकोनॉमिक हालात के कारण भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर विकास पथ पर है.
50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी बनी हुई है. शुरुआत में अनुमान था कि अमेरिकी टैरिफ से भारतीय निर्यात प्रभावित होगा, लेकिन सुधारों और नीतिगत उपायों ने बाजार की आशंकाओं को कम किया. जीएसटी रिफॉर्म से अनिश्चितता को अवसर में बदलने में मदद मिली.
इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, मुक्त व्यापार समझौते भारत की व्यापार रणनीति के लिए मददगार है. भारत ने ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड, यूरोपीय संघ (ईयू), ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे भारत को विश्वसनीय बाजारों में प्रवेश करने में मदद मिली है.