पहले टैरिफ से दबाव, फिर अचानक राहत और उसके बाद शेयर बाजार में रिकॉर्ड उछाल क्या ट्रंप की ट्रेड चाल भारत के पक्ष में पड़ गई? कुछ दिन पहले तक अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ लगाकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की थी. मकसद साफ था ट्रेड डील में अमेरिका की शर्तें मनवाना. लेकिन अब तस्वीर बदल गई है. ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ 50% से घटाकर सिर्फ 18% कर दिया है. यानी ‘मेड इन इंडिया’ सामान अब अमेरिका में सस्ते बिकेंगे. इस ऐलान का असर तुरंत बाजार पर दिखा. सेंसेक्स मंगलवार सुबह 12 बजे तक लगभग 2437 अंक तक उछल गया. जबकि निफ्टी 749 अंक चढ़ा और निवेशकों की दौलत मिनटों में लाखों करोड़ बढ़ गई. फायदा सबसे ज्यादा टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग, सीफूड और ज्वैलरी सेक्टर को मिलेगा. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा बाजार है. टैक्स घटा तो ऑर्डर बढ़ेंगे और कंपनियों का मुनाफा भी. ट्रेड डील का सबसे बड़ा असर अडाणी ग्रुप पर दिखा. अडाणी ग्रीन और एंटरप्राइजेज के शेयर 13 प्रचिशत तक चढ़ गए. सीधी बात ये है कि टैरिफ का दबाव अब मौके में बदल गया है. अगर ये डील टिकाऊ रही तो भारत की कंपनियां, शेयर बाजार और रुपया तीनों को लंबी रफ्तार मिल सकती है.दावा ये भी किया जा रहा है कि बाकी बचे 18 प्रतिशत टैरिफ को भी कम किया जाएगा.