राहुल गांधी बुधवार को संसद परिसर में " /> राहुल गांधी बुधवार को संसद परिसर में "/>
राहुल गांधी बुधवार को संसद परिसर में नरवणे की किताब की एक कॉपी लेकर पहुंचे. संसद परिसर में राहुल गांधी ने नरवणे का अप्रकाशित संस्मरण दिखाते हुए कहा कि वो भारत के युवाओं को ये बताना चाहते हैं कि सरकार के दावों के बावजूद ये 'किताब' मौजूद है. साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अगर सदन में आते हैं तो इस किताब को देंगे. कांग्रेस नेता का ये बयान 8 विपक्षी सासंदों को लोकसभा से संस्पेंड किए जाने के एक दिन बाद आया. ये सस्पेशन सदन में हंगामे के बाद हुआ था. जब राहुल अप्रकाशित किताब के अंश को पढ़ने पर जोर दे रहे थे. लेकिन स्पीकर ने इसकी इजाजत नहीं दी. मंगलवार को संसद में किताब का जिक्र करते हुए उन्हें बार-बार बोलने से रोका गया. जिसके बाद उन्होंने पीएम मोदी पर हमले तेज कर दिए हैं.
इधर राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक देखने को मिली. जब संसद परिसर में कांग्रेस नेता ने उन्हें गद्दार कह कर संबोधित किया और उसके जवाब में बिट्टू ने कांग्रेस नेताओं को देश का दुश्मन बताया. ये घटना संसद के मकर द्वार के पास हुई, जब वहां बजट सत्र से निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे. कांग्रेस के नेता रह चुके बिट्टू संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे. राहुल गांधी ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री बिट्टू से हाथ मिलाने की कोशिश की. लेकिन बीजेपी नेता ने हाथ नहीं मिलाया. जिसके बाद वो संसद के अंदर चले गए. इधर बिट्टू को गद्दार कहे जाने पर बीजेपी ने कांग्रेस मुख्यालय के पास राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनसे माफी की मांग की. वहीं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने राहुल की टिप्पणी को लेकर निशाना साधा.
रवनीत सिंह बिट्टू पहले कांग्रेस में थे. 2024 लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गए थे. लुधियाना से पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के खिलाफ चुनाव लड़ा और करीब 20 हजार वोटों से हार गए. चुनाव हारने के बावजूद उन्हें केंद्र सरकार में राज्यसभा सदस्य और मंत्री बनाया गया और रेल तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई.